1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

ये ठाकुर कभी किसी सरकार के राजनिष्ठ रहे ही नहीं।

फिर भी झांसी की सेना राजनिष्ठ रहेगी, यह अंगे्रजों का दृढ़ विचार था। सेना की राजनिष्ठा के साथ ही रानी राजनिष्ठा के संबंध में भी कुछ संशय करने का कोई कारण नहीं था। क्योंकि अभी कुछ समय पूर्व ही उसने समय आने पर अंगे्रजों की यथासंभव सहायता करना कबूल किया है। इतना ही नहीं अपितु वह सहायता कर सके, इसलिए अपने पास की सेना बढ़ाने की अनुमति उसने मांगी है। ऐसी स्थिति


947 of 2102

ये ठाकुर कभी किसी सरकार के राजनिष्ठ रहे ही नहीं।

फिर भी झांसी की सेना राजनिष्ठ रहेगी, यह अंगे्रजों का दृढ़ विचार था। सेना की राजनिष्ठा के साथ ही रानी राजनिष्ठा के संबंध में भी कुछ संशय करने का कोई कारण नहीं था। क्योंकि अभी कुछ समय पूर्व ही उसने समय आने पर अंगे्रजों की यथासंभव सहायता करना कबूल किया है। इतना ही नहीं अपितु वह सहायता कर सके, इसलिए अपने पास की सेना बढ़ाने की अनुमति उसने मांगी है। ऐसी स्थिति


947 of 2102