तमाम किया। अंगे्रजों ने अपने को छिपाकर तोपों और बंदूकों का हमला चालू रखा था। कमिश्नर गार्डन ऐसे ही चोरी से बंदूकें चला रहा था तो उसके चेहरे से परिचित एक विद्रोही ने सीधे तीर चलाकर उसे मार डाला। गार्डन साहब के मरते ही किले के अंगे्रजों का धीरज टूटने लगा और बाहर विद्रोहियों का उत्साह बढ़ने लगा। अंगे्रजों की गोलीबारी की परवाह न करते हुए घुड़सवारों का रिसालदार काले खान और झांसी का तहसीलदार अहमद हुसैन-इन
तमाम किया। अंगे्रजों ने अपने को छिपाकर तोपों और बंदूकों का हमला चालू रखा था। कमिश्नर गार्डन ऐसे ही चोरी से बंदूकें चला रहा था तो उसके चेहरे से परिचित एक विद्रोही ने सीधे तीर चलाकर उसे मार डाला। गार्डन साहब के मरते ही किले के अंगे्रजों का धीरज टूटने लगा और बाहर विद्रोहियों का उत्साह बढ़ने लगा। अंगे्रजों की गोलीबारी की परवाह न करते हुए घुड़सवारों का रिसालदार काले खान और झांसी का तहसीलदार अहमद हुसैन-इन