‘‘तुम्हारे मित्र समय-पालन में पक्के नहीं है।’’ ‘समय-पालन में पक्के नहीं है!’’ यह वाक्य हेनरी लाॅरेंस कह भी न पाया कि 71वीं पैदल पलटन द्वारा छोड़ी गई बंदूकों की आवाज उसके कानों में आने लगी। इस रेजिमेंट के पहले से बनाए गए कार्यक्रम के अनुसार नौ बजे की तोप छूटते ही उसकी अलग-अलग टोलियां यूरोपियनों के बंगलों पर टूट पड़ी। 71वीं रेजिमेंट के मेस हाउस को आग लगाकर उन्होंने यूरोपियनों पर बंदूकों से गोलियों की झड़ी
‘‘तुम्हारे मित्र समय-पालन में पक्के नहीं है।’’ ‘समय-पालन में पक्के नहीं है!’’ यह वाक्य हेनरी लाॅरेंस कह भी न पाया कि 71वीं पैदल पलटन द्वारा छोड़ी गई बंदूकों की आवाज उसके कानों में आने लगी। इस रेजिमेंट के पहले से बनाए गए कार्यक्रम के अनुसार नौ बजे की तोप छूटते ही उसकी अलग-अलग टोलियां यूरोपियनों के बंगलों पर टूट पड़ी। 71वीं रेजिमेंट के मेस हाउस को आग लगाकर उन्होंने यूरोपियनों पर बंदूकों से गोलियों की झड़ी