पर अपने मातहत यूरोपियन और अभी भी राजनिष्ठ बनी हुई नेटिव सेना को लेकर हमला किया। परंतु रास्ते में ही उसके साथ की 6वीं घुड़सवार रेजिमेंट ने विद्रोह किया, इसलिए सर हेनरी उन सब सिपाहियों को वहीं छोड़कर लौट गया। लखनऊ में यूरोपियनों की 32वीं रेजिमेंट पूरी गोरी होते हुए और गोरे तोपखाने का सहयोग होते हुए भी 31 मई की शाम के पहले नेटिवों की 71वीं पैदल रेजिमेंट, 48वीं पैदल रेजिमेंट, 7वीं घुड़सवार रेजिमेंट और अधिकतर
पर अपने मातहत यूरोपियन और अभी भी राजनिष्ठ बनी हुई नेटिव सेना को लेकर हमला किया। परंतु रास्ते में ही उसके साथ की 6वीं घुड़सवार रेजिमेंट ने विद्रोह किया, इसलिए सर हेनरी उन सब सिपाहियों को वहीं छोड़कर लौट गया। लखनऊ में यूरोपियनों की 32वीं रेजिमेंट पूरी गोरी होते हुए और गोरे तोपखाने का सहयोग होते हुए भी 31 मई की शाम के पहले नेटिवों की 71वीं पैदल रेजिमेंट, 48वीं पैदल रेजिमेंट, 7वीं घुड़सवार रेजिमेंट और अधिकतर