इर्रेग्यूलर सेना ने विद्रोह का झंडा गाड़ दिया।
लखनऊ से इक्यावन मील दूर अवध की वायव्य दिशा का मुक्ष्य शहर सीतापुर है। इस शहर में सन् 1857 में 41वीं पैदल, 9वीं इर्रेग्यूलर पैदल पलटन ऐसी तीन नेटिव रेजिमेंट थी। वहां उसका कमिश्नर और अन्य बड़े-बड़े यूरोपियन अधिकारी भी रहते थे। 27 मई को अंगे्रजों की एक बस्ती में आग लगा दी गई थी। परंतु यह आग विद्रोह की अग्रिम सूचना है, यह अनुमान अभी तक युरोपियनों को न होने से उन्होंने उस आग को भुला दिया। और क्या कहें,
इर्रेग्यूलर सेना ने विद्रोह का झंडा गाड़ दिया।
लखनऊ से इक्यावन मील दूर अवध की वायव्य दिशा का मुक्ष्य शहर सीतापुर है। इस शहर में सन् 1857 में 41वीं पैदल, 9वीं इर्रेग्यूलर पैदल पलटन ऐसी तीन नेटिव रेजिमेंट थी। वहां उसका कमिश्नर और अन्य बड़े-बड़े यूरोपियन अधिकारी भी रहते थे। 27 मई को अंगे्रजों की एक बस्ती में आग लगा दी गई थी। परंतु यह आग विद्रोह की अग्रिम सूचना है, यह अनुमान अभी तक युरोपियनों को न होने से उन्होंने उस आग को भुला दिया। और क्या कहें,