इस राजा ने कोई पच्चीस अंगे्रज शरणार्थियों को शरण दी और उन्हें उचित अवसर पर ब्रिटिश छावनी में पहुंचा दिया।
सिकोरा और गोंडा स्वतंत्र हो जाने का समाचार बहराइच में पहुंचते ही वहां स्थित अंगे्रज अधिकारी विद्रोह होने की राह न देख उस मुख्य शहर को छोड़कर 10 जून को ही लखनऊ की ओर भाग खड़े हुए। पर इस समय सारे अवध प्रांत में विद्रोहियांे कीचैकियां स्थान-स्थान पर बन जाने के कारण नेटिव लोगों के स्वांग धरे और एक
इस राजा ने कोई पच्चीस अंगे्रज शरणार्थियों को शरण दी और उन्हें उचित अवसर पर ब्रिटिश छावनी में पहुंचा दिया।
सिकोरा और गोंडा स्वतंत्र हो जाने का समाचार बहराइच में पहुंचते ही वहां स्थित अंगे्रज अधिकारी विद्रोह होने की राह न देख उस मुख्य शहर को छोड़कर 10 जून को ही लखनऊ की ओर भाग खड़े हुए। पर इस समय सारे अवध प्रांत में विद्रोहियांे कीचैकियां स्थान-स्थान पर बन जाने के कारण नेटिव लोगों के स्वांग धरे और एक