नाव में बैठकर घाघरा नदी पार करने लगे। पहले उनकी ओर किसी ाक ध्यान नहीं गया, पर आधी नदी पार होते-होते ‘फिरंगी-फिरंगी’ की आवाजें आने लगीं। मल्लाहों ने नौकाएं छोड़ दीं और वे अंगे्रज अधिकारी मार डाले गए। इन अधिकारियों के साथ ही उस बहराइच प्रांत से ब्रिटिश सŸाा समाप्त हो गई। मालापुर मंे अभी तक लश्करी छावनी नहीं थी फिर भी वह जिला छोड़कर भाग जाने के सिवाय अंग्रेजों को कोई गति नहीं रही-इतना लोकक्षोभ वहां था।
नाव में बैठकर घाघरा नदी पार करने लगे। पहले उनकी ओर किसी ाक ध्यान नहीं गया, पर आधी नदी पार होते-होते ‘फिरंगी-फिरंगी’ की आवाजें आने लगीं। मल्लाहों ने नौकाएं छोड़ दीं और वे अंगे्रज अधिकारी मार डाले गए। इन अधिकारियों के साथ ही उस बहराइच प्रांत से ब्रिटिश सŸाा समाप्त हो गई। मालापुर मंे अभी तक लश्करी छावनी नहीं थी फिर भी वह जिला छोड़कर भाग जाने के सिवाय अंग्रेजों को कोई गति नहीं रही-इतना लोकक्षोभ वहां था।