इन सबका सेनापति था। फैजाबाद विभाग में जुल्म बहुत बढ़ गया था। सर हेनरी स्वयं लिखता है-‘‘तालुकेदारों से क्रूरता का व्यवहार किया गया है। फैजाबाद प्रांत में उनके आधे गांव छीन लिये गए हैं और कहीं-कहीं तो पूरे ही छीने गए हैं’’ ऐसे अत्याचारों का प्रतिशोध जल्द ही
1857 का स्वातंत्र्य समर - 209
लिया जाएगा, यह डर फैजाबाद के अंगे्रजी अधिकारियों को मेरठ का समाचार सुनने के बाद लगने लगा और उस संकट से कैसे बचा जाए,
इन सबका सेनापति था। फैजाबाद विभाग में जुल्म बहुत बढ़ गया था। सर हेनरी स्वयं लिखता है-‘‘तालुकेदारों से क्रूरता का व्यवहार किया गया है। फैजाबाद प्रांत में उनके आधे गांव छीन लिये गए हैं और कहीं-कहीं तो पूरे ही छीने गए हैं’’ ऐसे अत्याचारों का प्रतिशोध जल्द ही
1857 का स्वातंत्र्य समर - 209
लिया जाएगा, यह डर फैजाबाद के अंगे्रजी अधिकारियों को मेरठ का समाचार सुनने के बाद लगने लगा और उस संकट से कैसे बचा जाए,