के परिवार आश्रय के लिए गए और उसके शाहगंज किले में सुरक्षित रहने लगे।
अंगे्रज लोग अपनी सुरक्षा की ऐसी तैयारी कर रहे थे, तभी फैजाबाद में आग लपटों में बदल गई। फैजाबाद में जो अनेक तालुकेदार थे उनमें से एक का नाम मौलवीअहमद शाह था। यह नाम इतिहास में अजर-अमर होने को था। यह नाम देशभक्तों, देशवीरों की माला में गूंथा जानेवाला था। इस नाम ने अपने तालुके की तालुकेदारी ही नहीं, अपने देश की देशदारी करने का कंकण
के परिवार आश्रय के लिए गए और उसके शाहगंज किले में सुरक्षित रहने लगे।
अंगे्रज लोग अपनी सुरक्षा की ऐसी तैयारी कर रहे थे, तभी फैजाबाद में आग लपटों में बदल गई। फैजाबाद में जो अनेक तालुकेदार थे उनमें से एक का नाम मौलवीअहमद शाह था। यह नाम इतिहास में अजर-अमर होने को था। यह नाम देशभक्तों, देशवीरों की माला में गूंथा जानेवाला था। इस नाम ने अपने तालुके की तालुकेदारी ही नहीं, अपने देश की देशदारी करने का कंकण