1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

चिंगारी पड़ी। वह शहर वहां के लश्कर के साथ ‘हर-हर महादेव’ की घोषणा के साथ विद्रोह कर उठा। सिपाहियों को काबू में रखने के लिए अधिकारी परेड पर गए तो सिपाहियों ने उन्हें साफ कहा कि अब हम स्वदेशी अधिकारियों के अधीन हैं और हमारा नेता सूबेदार दिलीप सिंह है। सूबेदार दिलीप सिंह ने सारे अधिकारियों के घर पर पहरा बैठा दिया और उन्हें बारह कदमों से अधिक इधर-उधर हिलने पर कड़ी रोक लगा दी और फिर नागरिकों और सिपाहियों


998 of 2102

चिंगारी पड़ी। वह शहर वहां के लश्कर के साथ ‘हर-हर महादेव’ की घोषणा के साथ विद्रोह कर उठा। सिपाहियों को काबू में रखने के लिए अधिकारी परेड पर गए तो सिपाहियों ने उन्हें साफ कहा कि अब हम स्वदेशी अधिकारियों के अधीन हैं और हमारा नेता सूबेदार दिलीप सिंह है। सूबेदार दिलीप सिंह ने सारे अधिकारियों के घर पर पहरा बैठा दिया और उन्हें बारह कदमों से अधिक इधर-उधर हिलने पर कड़ी रोक लगा दी और फिर नागरिकों और सिपाहियों


998 of 2102