ने उस लोकनाथ की ध्वनि से खुला और मौलवी अहमद शाह टुकड़े-टुकड़े हुई श्रंखलाओं को फेंककर जय-जयकार से आकर मिले। मौलवी का पुनर्जन्म हुआ था। उन्हें अंगे्रज सŸाा फांसी पर चढ़ाने वाली थी, उन्होंने अंत में उसे ही फांसी पर चढ़ा दिया था। उन्होंने अपनी मुक्ति होते ही नेतृत्व स्वीकार किया और अंगे्रजों की दी हुई फांसी का प्रतिशोध लेने के लिए पहला काम यह किया कि पहरे में बंद मुख्य अंगे्रज अधिकारी लेनाक्स को संदेश भेजा
ने उस लोकनाथ की ध्वनि से खुला और मौलवी अहमद शाह टुकड़े-टुकड़े हुई श्रंखलाओं को फेंककर जय-जयकार से आकर मिले। मौलवी का पुनर्जन्म हुआ था। उन्हें अंगे्रज सŸाा फांसी पर चढ़ाने वाली थी, उन्होंने अंत में उसे ही फांसी पर चढ़ा दिया था। उन्होंने अपनी मुक्ति होते ही नेतृत्व स्वीकार किया और अंगे्रजों की दी हुई फांसी का प्रतिशोध लेने के लिए पहला काम यह किया कि पहरे में बंद मुख्य अंगे्रज अधिकारी लेनाक्स को संदेश भेजा