योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

तब भी जनसंख्या उतनी नहीं हैं जब देश पूर्ण स्वतन्त्र था-अर्थात् मुस्लिम शासन के पूर्व। भारतीय श्रम एवं उत्पादन से भारत की वर्तमान आबादी की पांच गुनी आबादी का भी आसानी से निर्वाह हो सकता है, यदि भारतीयों

200 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

की सारी वस्तुएं उससे छीन न ली जाएं।

यह आज की स्थिति है-शिक्षा को भी अब अधिक नहीं फेलने दिया जाएगा। प्रेस की स्वतन्त्रता का गला पहले ही घोंट दिया गया है, (निरस्त्र तो हम पहले ही से कर दिए गए हैं,


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तब भी जनसंख्या उतनी नहीं हैं जब देश पूर्ण स्वतन्त्र था-अर्थात् मुस्लिम शासन के पूर्व। भारतीय श्रम एवं उत्पादन से भारत की वर्तमान आबादी की पांच गुनी आबादी का भी आसानी से निर्वाह हो सकता है, यदि भारतीयों

200 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

की सारी वस्तुएं उससे छीन न ली जाएं।

यह आज की स्थिति है-शिक्षा को भी अब अधिक नहीं फेलने दिया जाएगा। प्रेस की स्वतन्त्रता का गला पहले ही घोंट दिया गया है, (निरस्त्र तो हम पहले ही से कर दिए गए हैं,


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