योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand


कुछ सौ आधुनिकता, अर्ध-शिक्षित एवं राष्ट्रीय चेतना शून्य पुरूष ही वर्तमान अंगे्रज़ी भारत का दिखावा है-और कुछ नहीं।...

भारत को जीतने के लिए अंगे्रज़ों के संघर्ष के मध्य शताब्दियों की अराजकता अंगे्रज़ों द्वारा 1857-58 में किए गए भयावह जनबधों और इससे भी अधिक भयावह अकालों, जों अंगे्रज़ी शासन के अनिवार्य परिणाम बन गए हैं, (देशी राज्यों में कभी अकाल नहीं पड़ता) और उसमें लाखों प्राणियों की मृत्यु के बावजूद जनसंख्या में काफी वृद्वि होती रही है,


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कुछ सौ आधुनिकता, अर्ध-शिक्षित एवं राष्ट्रीय चेतना शून्य पुरूष ही वर्तमान अंगे्रज़ी भारत का दिखावा है-और कुछ नहीं।...

भारत को जीतने के लिए अंगे्रज़ों के संघर्ष के मध्य शताब्दियों की अराजकता अंगे्रज़ों द्वारा 1857-58 में किए गए भयावह जनबधों और इससे भी अधिक भयावह अकालों, जों अंगे्रज़ी शासन के अनिवार्य परिणाम बन गए हैं, (देशी राज्यों में कभी अकाल नहीं पड़ता) और उसमें लाखों प्राणियों की मृत्यु के बावजूद जनसंख्या में काफी वृद्वि होती रही है,


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