योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

संगठन 1908 में बना। विवेकानन्द की आइरिश शिष्या बहन निवेदिता तथा अरविन्द घोष इसके बुनियादी सदस्यों में से थे। इसी बरस 18 वर्षीय युवक खुदीराम बसु ने फांसी के फंदे को चूमा। सने मुजफ्फपुर ज़िला जज किग्ंजफोर्ड को मारने के लिए उसकी बग्घी पर दो बम गिराए थे। उसकी तस्वीरें सारे देश में घर-घर फेल गई। विवेकानन्द का छोटा भाई भूपेन्द्रनाथ दत्त क्रान्तिकारियों के पत्र ‘युगान्तर’ का सम्पादक था। हिंसावाद का प्रचार करने के अपराध में उसे लम्बी सज़ा मिली,


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संगठन 1908 में बना। विवेकानन्द की आइरिश शिष्या बहन निवेदिता तथा अरविन्द घोष इसके बुनियादी सदस्यों में से थे। इसी बरस 18 वर्षीय युवक खुदीराम बसु ने फांसी के फंदे को चूमा। सने मुजफ्फपुर ज़िला जज किग्ंजफोर्ड को मारने के लिए उसकी बग्घी पर दो बम गिराए थे। उसकी तस्वीरें सारे देश में घर-घर फेल गई। विवेकानन्द का छोटा भाई भूपेन्द्रनाथ दत्त क्रान्तिकारियों के पत्र ‘युगान्तर’ का सम्पादक था। हिंसावाद का प्रचार करने के अपराध में उसे लम्बी सज़ा मिली,


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