‘आहार संबंधी विधि-निषेघ का तात्पर्य’ शीर्षक तले लिखा है:
‘‘हिन्दुओं की तरह यहूदी भी व्यर्थ ही मांस नहीं खाते। जैसे बंगाल और पंजाब में मांस का महाप्रसाद कहते हैं, उसी तरह यहूदी लोग नियमानुसार बलिदान न होने से मांस नहीं खाते हैं। हिन्दुओं की तरह यहूदियों को भी जिस-जिस दुकान से मांस खरीदने का अधिकार नहीं है। मुसलमान भी यहूदियों के अनेक नियम मानते हैं, पर इतना परहेज नहीं है। बस दूध, मांस और मछली एक साथ नहीं खाते, पर हिन्दू
‘आहार संबंधी विधि-निषेघ का तात्पर्य’ शीर्षक तले लिखा है:
‘‘हिन्दुओं की तरह यहूदी भी व्यर्थ ही मांस नहीं खाते। जैसे बंगाल और पंजाब में मांस का महाप्रसाद कहते हैं, उसी तरह यहूदी लोग नियमानुसार बलिदान न होने से मांस नहीं खाते हैं। हिन्दुओं की तरह यहूदियों को भी जिस-जिस दुकान से मांस खरीदने का अधिकार नहीं है। मुसलमान भी यहूदियों के अनेक नियम मानते हैं, पर इतना परहेज नहीं है। बस दूध, मांस और मछली एक साथ नहीं खाते, पर हिन्दू