लेकिन समय का तकाजा तो जैसे हुआ वैसे ही पूरा होना था। हम देखेंगे कि एक अनुगामी ऐतिहासिक कड़ी का अपनी पूर्ववर्ती ऐतिहासिक कड़ी में आकर मिलना अनिवार्य था।
देश-भ्रमण
‘‘हमारा सबसे बड़ा राष्ट्रीय पाप जन समुदाय की उपेक्षा है।’’
-विवेकानन्द
नरेन्द्र अब रामकृष्ण-संघ के नेता स्वामी विवेकानन्द थे। रामकृष्ण ने विदा होते समय अपने शिष्यों को विवेकानन्द को सौंपते हुए कहा था, ‘‘इन बच्चों की देख-भाल करना।’’
गुरू की मृत्यु के
लेकिन समय का तकाजा तो जैसे हुआ वैसे ही पूरा होना था। हम देखेंगे कि एक अनुगामी ऐतिहासिक कड़ी का अपनी पूर्ववर्ती ऐतिहासिक कड़ी में आकर मिलना अनिवार्य था।
देश-भ्रमण
‘‘हमारा सबसे बड़ा राष्ट्रीय पाप जन समुदाय की उपेक्षा है।’’
-विवेकानन्द
नरेन्द्र अब रामकृष्ण-संघ के नेता स्वामी विवेकानन्द थे। रामकृष्ण ने विदा होते समय अपने शिष्यों को विवेकानन्द को सौंपते हुए कहा था, ‘‘इन बच्चों की देख-भाल करना।’’
गुरू की मृत्यु के