योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

जो मेरे प्रति सहानुभूति रखते हैं,...लेकिन फिर पेरिस और लंदन घूम आने के बाद जोसेफिन पैकिलआंड को लिखा, ‘‘यूरोप के साफ और सुन्दर नगरों की अपेक्षा न्यूयार्क बहुत गंदा और विपन्न लगता है।’’

अमेरिका का पारिवारिक जीवन अनर्गलता की सीमा तक स्वच्छन्द है, इस मिथ्या धारणा का उन्होंने भरसक खंडन किया। उन्होंने साधिकार कहा, ‘‘कितने ही सुन्दर पारिवारिक जीवन मैंने यहां देखे हैं। यहां की नारियों को उन्होंने हिम के सदृश पवित्र, असाधारण


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जो मेरे प्रति सहानुभूति रखते हैं,...लेकिन फिर पेरिस और लंदन घूम आने के बाद जोसेफिन पैकिलआंड को लिखा, ‘‘यूरोप के साफ और सुन्दर नगरों की अपेक्षा न्यूयार्क बहुत गंदा और विपन्न लगता है।’’

अमेरिका का पारिवारिक जीवन अनर्गलता की सीमा तक स्वच्छन्द है, इस मिथ्या धारणा का उन्होंने भरसक खंडन किया। उन्होंने साधिकार कहा, ‘‘कितने ही सुन्दर पारिवारिक जीवन मैंने यहां देखे हैं। यहां की नारियों को उन्होंने हिम के सदृश पवित्र, असाधारण


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