योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

राय क्या चाहते थे और मैकाॅलेक की शिक्षा प्रणाली ने हमें क्या दिया, इस पर हम आगे चलकर ‘पुनर्जागरण’ परिच्छेद में विचार करेंगे।। यहां सिर्फ

इतना कह देना काफी है कि राजा राममोहन राय प्राचीनता और आधुनिकता में समन्वय और सांमजस्य की जिस स्वस्थ भावना को लेकर चले थे, वह उपेक्षित और विकृत होती जा रही थी। धर्मांधता और रूढ़िवाद के स्थान पर भूगोल, इतिहास, साहित्य, गणित तथा विज्ञान की शिक्षा संकीर्णता तथा छिछले विद्याअभिमान को जन्म


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राय क्या चाहते थे और मैकाॅलेक की शिक्षा प्रणाली ने हमें क्या दिया, इस पर हम आगे चलकर ‘पुनर्जागरण’ परिच्छेद में विचार करेंगे।। यहां सिर्फ

इतना कह देना काफी है कि राजा राममोहन राय प्राचीनता और आधुनिकता में समन्वय और सांमजस्य की जिस स्वस्थ भावना को लेकर चले थे, वह उपेक्षित और विकृत होती जा रही थी। धर्मांधता और रूढ़िवाद के स्थान पर भूगोल, इतिहास, साहित्य, गणित तथा विज्ञान की शिक्षा संकीर्णता तथा छिछले विद्याअभिमान को जन्म


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