योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



उन्होंने देखा कि एक राष्ट्र बनने के लिए हमारी आवश्यकता है ऐहिी एवं भौतिक शिक्षा। शिक्षा का माध्यम आंख ही नहीं कान भी है। देश के लिए समर्पित शिक्षित नौजवान गांव-गांव और दरवाजे़-दरवाज़े जाकर अपढ़ गरीब जनता को विभिन्न राष्ट्रों के बारे में कहानियां सुनाएं, एक मैजिक लैंटर्न, एक ग्लोब और नक्शे आदि लेकर जाएं और बातचीत द्वारा भूगोल, गणित तथा इतिहास आदि के बारे

85 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

हरकत में आया पहिया रूकेगा नहीं।


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उन्होंने देखा कि एक राष्ट्र बनने के लिए हमारी आवश्यकता है ऐहिी एवं भौतिक शिक्षा। शिक्षा का माध्यम आंख ही नहीं कान भी है। देश के लिए समर्पित शिक्षित नौजवान गांव-गांव और दरवाजे़-दरवाज़े जाकर अपढ़ गरीब जनता को विभिन्न राष्ट्रों के बारे में कहानियां सुनाएं, एक मैजिक लैंटर्न, एक ग्लोब और नक्शे आदि लेकर जाएं और बातचीत द्वारा भूगोल, गणित तथा इतिहास आदि के बारे

85 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

हरकत में आया पहिया रूकेगा नहीं।


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