धीरे-धीरे एकाधिपत्य लाभ कर रहे हैं। जर्मनी के सम्राट की आज्ञा से सब जातियों ने चीन के क्षेत्र में सिर झुका जर्मन सेनापति की अधीनता स्वीकार की है।’’ (वि.सा., अष्टम खंड, पृष्ठ 202)
जून 1900 में यों हो त्वान (पवित्रता तथा शान्ति संगठन) ने जो चीनी किसानों तथा दस्तकारों का गुप्त संगठन था, चीन से विदेशियों को मार भगाने के लिए सशस्त्र संघर्ष शुरू किया, जिसे चीनी जनता का व्यापक समर्थक प्राप्त हुआ। इतिहास में इस संघर्ष को ‘बकसर
धीरे-धीरे एकाधिपत्य लाभ कर रहे हैं। जर्मनी के सम्राट की आज्ञा से सब जातियों ने चीन के क्षेत्र में सिर झुका जर्मन सेनापति की अधीनता स्वीकार की है।’’ (वि.सा., अष्टम खंड, पृष्ठ 202)
जून 1900 में यों हो त्वान (पवित्रता तथा शान्ति संगठन) ने जो चीनी किसानों तथा दस्तकारों का गुप्त संगठन था, चीन से विदेशियों को मार भगाने के लिए सशस्त्र संघर्ष शुरू किया, जिसे चीनी जनता का व्यापक समर्थक प्राप्त हुआ। इतिहास में इस संघर्ष को ‘बकसर