योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

विद्रोह’ का नाम भी दिया गया है। यों हो त्वान की शक्ति और देशव्यापी समर्थन का अनुमान इस बात से सहज में लगाया जा सकता है कि उसने ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान की संयुक्त सेना का लांगफांग में घेराव किया और उसे तहस-नहस कर डाला। विद्रोहियों की इस विजय से सभी साम्राज्यवादी शक्तियांे के हाथ-पाव फूल गए और उन्हें चीन में अपना प्रभुत्व खत्म होता दिखाई दिया। अतएव विद्रोह को कुचलने के लिए अगस्त में ब्रिटेन, अमेरिका, जापान,


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विद्रोह’ का नाम भी दिया गया है। यों हो त्वान की शक्ति और देशव्यापी समर्थन का अनुमान इस बात से सहज में लगाया जा सकता है कि उसने ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान की संयुक्त सेना का लांगफांग में घेराव किया और उसे तहस-नहस कर डाला। विद्रोहियों की इस विजय से सभी साम्राज्यवादी शक्तियांे के हाथ-पाव फूल गए और उन्हें चीन में अपना प्रभुत्व खत्म होता दिखाई दिया। अतएव विद्रोह को कुचलने के लिए अगस्त में ब्रिटेन, अमेरिका, जापान,


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