योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

आलासिंगा पेरूमल के नाम एक पत्र में स्वामी जी ने इन शब्दों में व्यक्त की है:

‘‘जिस दिन महासभा का उद्घाटन होने वाला था, उस दिन सुबह हम लोग ‘आर्ट पैलेस’ नामक एक भवन में एकत्र हुए, जिसमें एक बड़ा और कुछ छोटे-छोटे हाॅल अधिवेशन के लिए अस्थायी रूप से निर्मित किए गए थे। सभी राष्ट्रों के लोग वहां थे। भारत में ब्रह्मसमाज के प्रतिनिधि प्रतापचन्द्र मजूमदार महाशय थे, बम्बई से नागरकर आए थे, जैन धर्म के प्रतिनिधि वीरचन्द गांधी थे और


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आलासिंगा पेरूमल के नाम एक पत्र में स्वामी जी ने इन शब्दों में व्यक्त की है:

‘‘जिस दिन महासभा का उद्घाटन होने वाला था, उस दिन सुबह हम लोग ‘आर्ट पैलेस’ नामक एक भवन में एकत्र हुए, जिसमें एक बड़ा और कुछ छोटे-छोटे हाॅल अधिवेशन के लिए अस्थायी रूप से निर्मित किए गए थे। सभी राष्ट्रों के लोग वहां थे। भारत में ब्रह्मसमाज के प्रतिनिधि प्रतापचन्द्र मजूमदार महाशय थे, बम्बई से नागरकर आए थे, जैन धर्म के प्रतिनिधि वीरचन्द गांधी थे और


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