योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

महान अतीत और मानव सभ्यता में उसके योगदान को भलीभांति समझ लिया था। अतएव उनके स्वर में परम्परा का बल और राष्ट्रीय गौरव झंकरित हो उठाः

‘‘मैं एक ऐसे धर्म का अनुयायी होने में गर्व का अनुभव करता हूं, जिसने संसार को सहिष्णुता तथा सार्वभौम स्वीकृति दोनों ही की शिक्षा दी है...मुझे एक ऐसे देश का व्यक्ति होने का अभिमान है, जिसने इस पृथ्वी के समस्त धर्मों और देशों के उत्पीड़ितों और शरणार्थियों को आश्रय दिया है।’’ और फिर इतिहास, ‘‘मुझे आपको


442 of 1197

महान अतीत और मानव सभ्यता में उसके योगदान को भलीभांति समझ लिया था। अतएव उनके स्वर में परम्परा का बल और राष्ट्रीय गौरव झंकरित हो उठाः

‘‘मैं एक ऐसे धर्म का अनुयायी होने में गर्व का अनुभव करता हूं, जिसने संसार को सहिष्णुता तथा सार्वभौम स्वीकृति दोनों ही की शिक्षा दी है...मुझे एक ऐसे देश का व्यक्ति होने का अभिमान है, जिसने इस पृथ्वी के समस्त धर्मों और देशों के उत्पीड़ितों और शरणार्थियों को आश्रय दिया है।’’ और फिर इतिहास, ‘‘मुझे आपको


442 of 1197