धोखेबाज़ और धूर्त हूं। और इधर वह कलकत्ता में कहता फिर रहा है कि मैं अमेरिका में अत्यन्त पाप-पूर्ण एवं लम्पट जीवन व्यतीत कर रहा हूं। भगवान उसका भला करें। मेरे भाई, बिना अवरोध के कोई भी अच्छा काम नहीं हो सकता। क्या तुम मद्रास में रामनाड के दीवान या अन्य किसी बड़े आदमी की अध्यक्षता में एक ऐसी सभा आयोजित कर सकते हो, जिसमें वहां मेरे हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व करने के प्रति पूर्णतया समर्थन एवं संतोष प्रकट किया जाए और फिर उस पारित प्रस्ताव को यहां के ‘शिकागो हेरल्ड’,
धोखेबाज़ और धूर्त हूं। और इधर वह कलकत्ता में कहता फिर रहा है कि मैं अमेरिका में अत्यन्त पाप-पूर्ण एवं लम्पट जीवन व्यतीत कर रहा हूं। भगवान उसका भला करें। मेरे भाई, बिना अवरोध के कोई भी अच्छा काम नहीं हो सकता। क्या तुम मद्रास में रामनाड के दीवान या अन्य किसी बड़े आदमी की अध्यक्षता में एक ऐसी सभा आयोजित कर सकते हो, जिसमें वहां मेरे हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व करने के प्रति पूर्णतया समर्थन एवं संतोष प्रकट किया जाए और फिर उस पारित प्रस्ताव को यहां के ‘शिकागो हेरल्ड’,