के लिए रास्ता बनाया। विवेक बुुद्वि वाले विवेकानन्द शत्रु को मित्र भला कैसे समझ लेते। उन्होंने भाषण जारी रखते हुए इस पाखंड का पर्दाफाश किया:
‘‘बिना और किसी भूमिका के मैं अब अपने विषय को आरम्भ करता हूं। सबसे पहले मुझे थियोसाॅफिकल सोसाइटी के सम्बन्ध में कुछ कहना है।’’ शिकागो में होटल का दो हफ्ते का बिल चुकाने के बाद जब उनकी हालत खस्ता हो गई थी, उसका उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘एस समय मेरे पास केवल कुछ ही डालर बचे थे। मैंने
के लिए रास्ता बनाया। विवेक बुुद्वि वाले विवेकानन्द शत्रु को मित्र भला कैसे समझ लेते। उन्होंने भाषण जारी रखते हुए इस पाखंड का पर्दाफाश किया:
‘‘बिना और किसी भूमिका के मैं अब अपने विषय को आरम्भ करता हूं। सबसे पहले मुझे थियोसाॅफिकल सोसाइटी के सम्बन्ध में कुछ कहना है।’’ शिकागो में होटल का दो हफ्ते का बिल चुकाने के बाद जब उनकी हालत खस्ता हो गई थी, उसका उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘एस समय मेरे पास केवल कुछ ही डालर बचे थे। मैंने