योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

ध्येय धर्म है और क्योंकि धर्म पर अभी आघात नहीं हुआ, अतः यह जाति जीवित है।’’ (वि.सा., दशम खंड, पृ. 3-4)

रााजनीतिक और सांस्कृतिक लड़ाई धर्म के माध्यम से भी लड़ी जाती है और हर देश में लड़ी गई है। दूर जो की ज़रूरत नहीं। यूरोप के बुर्जुवा ने सामंतवाद के विरूद्व अपनी लड़ाई धर्म के माध्यम ही से लड़ी। कौन नहीं जानता कैथोलिक मरते हुए सामंतवाद का और प्रोटेस्टेंट उभरते हुए पूंजीवाद का धर्म था? प्रोटेस्टेंटों को आग में जीवित जलाया गया,


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ध्येय धर्म है और क्योंकि धर्म पर अभी आघात नहीं हुआ, अतः यह जाति जीवित है।’’ (वि.सा., दशम खंड, पृ. 3-4)

रााजनीतिक और सांस्कृतिक लड़ाई धर्म के माध्यम से भी लड़ी जाती है और हर देश में लड़ी गई है। दूर जो की ज़रूरत नहीं। यूरोप के बुर्जुवा ने सामंतवाद के विरूद्व अपनी लड़ाई धर्म के माध्यम ही से लड़ी। कौन नहीं जानता कैथोलिक मरते हुए सामंतवाद का और प्रोटेस्टेंट उभरते हुए पूंजीवाद का धर्म था? प्रोटेस्टेंटों को आग में जीवित जलाया गया,


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