योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

बंधी हुई जाति है। अपने ही प्रशासन में भारतीयों की कोई आवाज़ नहीं, उनका कोई स्थान नहीं-वे हैं केवल तीस करोड़ गुलाम-और कुछ नहीं। भारतवासी की औसत आय डेढ़ रूपया प्रति मास है। अधिकांश जन-समुदाय की जीवनचर्या उपवासों की कहानी है, और ज़रा-सी आय कम होने पर लाखों काल-कवलित हो जाते हैं। छोटे-से अकाल का अर्थ है मृत्यु। इसलिए जब मेरी दृष्टि उस ओर जाती है तो मुझे दिखाई पड़ता है-नाश, असाध्य नाश।’’

‘‘फिर भी इस जाति की सजीवता, इस देश का


554 of 1197

बंधी हुई जाति है। अपने ही प्रशासन में भारतीयों की कोई आवाज़ नहीं, उनका कोई स्थान नहीं-वे हैं केवल तीस करोड़ गुलाम-और कुछ नहीं। भारतवासी की औसत आय डेढ़ रूपया प्रति मास है। अधिकांश जन-समुदाय की जीवनचर्या उपवासों की कहानी है, और ज़रा-सी आय कम होने पर लाखों काल-कवलित हो जाते हैं। छोटे-से अकाल का अर्थ है मृत्यु। इसलिए जब मेरी दृष्टि उस ओर जाती है तो मुझे दिखाई पड़ता है-नाश, असाध्य नाश।’’

‘‘फिर भी इस जाति की सजीवता, इस देश का


554 of 1197