शक, कुशान, दरद तथा रवश इत्यादि उपजातियांे में विभाजित और समिश्रित होती चली गई। आर्यों को अलग कैसे करोगे? द्रविड़ एक अलग जाति कहां से आ गई?
यह ठीक है कि धीरे-धीरे सवर्णों ने सारी सत्ता हथिया ली और जाति के चारों ओर रीति-रिवाज की एक दीवार खड़ी कर दी। जन्म से मरण तक पूरे जीवन को कठोर नियमों में बांधकर रख दिया। छुआछात फैली और हिन्दू धर्म चैके-चूल्हे का धर्म बनकर रह गया। निम्न श्रमजीवी जातियों ही को नहीं वरन् सवर्णों ने अपने
शक, कुशान, दरद तथा रवश इत्यादि उपजातियांे में विभाजित और समिश्रित होती चली गई। आर्यों को अलग कैसे करोगे? द्रविड़ एक अलग जाति कहां से आ गई?
यह ठीक है कि धीरे-धीरे सवर्णों ने सारी सत्ता हथिया ली और जाति के चारों ओर रीति-रिवाज की एक दीवार खड़ी कर दी। जन्म से मरण तक पूरे जीवन को कठोर नियमों में बांधकर रख दिया। छुआछात फैली और हिन्दू धर्म चैके-चूल्हे का धर्म बनकर रह गया। निम्न श्रमजीवी जातियों ही को नहीं वरन् सवर्णों ने अपने