उसमें से आयुक्तिक (प्ततंजपवदंस) झड़ रहा है। जब समस्त आयुक्तिक झगड़े के बाद विचार का चरम विकास-निरपेक्ष सत्य से उसका एकाकांर होगा, तो समाज भी उन्नति की उच्चतम शाश्वत स्थिति को प्राप्त कर लेगा। हेगल ने यह भी कहा कि जर्मनी की तत्कालीन सामन्ती प्रूशियन सरकार उन्नति की उच्चतम शाश्वत स्थिति है, उसमें अब कोई परिवर्तन सम्भव नहीं।
प्रूशियन सरकार को उन्नति की उच्चतम शाश्वत स्थिति बनाने के कारण ही जर्मनी के बामपक्षियों ने हेगल को
उसमें से आयुक्तिक (प्ततंजपवदंस) झड़ रहा है। जब समस्त आयुक्तिक झगड़े के बाद विचार का चरम विकास-निरपेक्ष सत्य से उसका एकाकांर होगा, तो समाज भी उन्नति की उच्चतम शाश्वत स्थिति को प्राप्त कर लेगा। हेगल ने यह भी कहा कि जर्मनी की तत्कालीन सामन्ती प्रूशियन सरकार उन्नति की उच्चतम शाश्वत स्थिति है, उसमें अब कोई परिवर्तन सम्भव नहीं।
प्रूशियन सरकार को उन्नति की उच्चतम शाश्वत स्थिति बनाने के कारण ही जर्मनी के बामपक्षियों ने हेगल को