ही चर्चा । अन्तःपुर के अन्दर भी इस प्रवाह की लहरें अपना असर करने से खाली न रहीं।’’ (विवेकानन्द चरित्र, पृष्ठ 41)
राजा राममोहन राय जानते थे कि लोगों में जागृति आएगी तभी वे अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए संगठित हो सकेंगे, तभी बंगाली समाज कुप्रथाओं तथा कुसंस्कारों से मुक्त हो सकेगा। अतएव उस उद्देश्य को सम्मुख रखते हुए उन्होंने आधुनिक शिक्षा फेलाने का भरसक प्रयास किया। उदार विचारों के अपने अंगे्रज़ मित्रों की सहायता से उन्होंने 1817 में हिन्दू कालेज का स्ािापना की,
ही चर्चा । अन्तःपुर के अन्दर भी इस प्रवाह की लहरें अपना असर करने से खाली न रहीं।’’ (विवेकानन्द चरित्र, पृष्ठ 41)
राजा राममोहन राय जानते थे कि लोगों में जागृति आएगी तभी वे अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए संगठित हो सकेंगे, तभी बंगाली समाज कुप्रथाओं तथा कुसंस्कारों से मुक्त हो सकेगा। अतएव उस उद्देश्य को सम्मुख रखते हुए उन्होंने आधुनिक शिक्षा फेलाने का भरसक प्रयास किया। उदार विचारों के अपने अंगे्रज़ मित्रों की सहायता से उन्होंने 1817 में हिन्दू कालेज का स्ािापना की,