कारण मुझे घर छोड़ना पड़ा और तब भारत के कई प्रान्तों की यात्रा की। आखिर ब्रिटिश शासकों के विरूद्व तीव्र घृणा ने मुझे भारत के बाहर दूसरे देशों में घूमने पर मजबूर किया।’’
उन्हें इस बात का बड़ा दुख था कि भारत का एक के बाद दूसरा प्रान्त ईस्ट इंडिया कम्पनी के अधिकार में चला जा रहा है। ब्रिटिश शासकों की अंधी लूट उन्होंने अपनी आंखों से देखी थी और इसी से उनके प्रति घृणा उत्पन्न हुई थी। पर उनके स्वदेश पे्रम में संकीर्णता की गंध
कारण मुझे घर छोड़ना पड़ा और तब भारत के कई प्रान्तों की यात्रा की। आखिर ब्रिटिश शासकों के विरूद्व तीव्र घृणा ने मुझे भारत के बाहर दूसरे देशों में घूमने पर मजबूर किया।’’
उन्हें इस बात का बड़ा दुख था कि भारत का एक के बाद दूसरा प्रान्त ईस्ट इंडिया कम्पनी के अधिकार में चला जा रहा है। ब्रिटिश शासकों की अंधी लूट उन्होंने अपनी आंखों से देखी थी और इसी से उनके प्रति घृणा उत्पन्न हुई थी। पर उनके स्वदेश पे्रम में संकीर्णता की गंध