बराबर रहती थी और विदेशों के स्वाधीनता-संग्रामों में उनकी गहरी दिलचस्पी थी। 1821 में स्पोन में जब लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना हुई तो उन्होंने अपनी हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए टाउन हाल में सार्वजनिक भोज दिया। यहां पर यह बता देना असंगत नहीं होगा कि जब पशिचत यूरोप की सामंती व्यवस्था टूट रही थी और पूंजीवादी विश्व क्रांन्ति की बाढ़ यूरोप तथा अमेरिकी देशों में तेज़ी से फेल रही थी, तब स्पेन के सामंती औपनिवेशिक राज्य ने
बराबर रहती थी और विदेशों के स्वाधीनता-संग्रामों में उनकी गहरी दिलचस्पी थी। 1821 में स्पोन में जब लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना हुई तो उन्होंने अपनी हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए टाउन हाल में सार्वजनिक भोज दिया। यहां पर यह बता देना असंगत नहीं होगा कि जब पशिचत यूरोप की सामंती व्यवस्था टूट रही थी और पूंजीवादी विश्व क्रांन्ति की बाढ़ यूरोप तथा अमेरिकी देशों में तेज़ी से फेल रही थी, तब स्पेन के सामंती औपनिवेशिक राज्य ने