उनकी प्रतिभा और प्रभाव को देखते हुए, आचार्य नियुक्त कर दिया। केशवचन्द्र चूंकि निम्न जाति के थे, इसलिए उन्हें आचार्य बनाने के विरोध का तूफान उठ खड़ा हुआ। रक्षणशील ठाकुर में इतना साहस नहीं था कि वे इस तूफान का मुकाबला करते। उन्हांेने विरोधियों को शान्त करने के लिए केशव को आचार्य के पद से अलग कर दिया।
187 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
इस पर नवयुवकों ने जो तूफान खड़ा किया, उसका परिणाम यह निकला कि ब्रह्यसमाज दो भागों में विभाजित
उनकी प्रतिभा और प्रभाव को देखते हुए, आचार्य नियुक्त कर दिया। केशवचन्द्र चूंकि निम्न जाति के थे, इसलिए उन्हें आचार्य बनाने के विरोध का तूफान उठ खड़ा हुआ। रक्षणशील ठाकुर में इतना साहस नहीं था कि वे इस तूफान का मुकाबला करते। उन्हांेने विरोधियों को शान्त करने के लिए केशव को आचार्य के पद से अलग कर दिया।
187 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
इस पर नवयुवकों ने जो तूफान खड़ा किया, उसका परिणाम यह निकला कि ब्रह्यसमाज दो भागों में विभाजित