हो गया। एक भाग जो देवेन्द्रनाथ ठाकुर के नेतृत्व में रहा, उसका नाम ‘आदि ब्रह्याज’ पड़ा और जो भाग केशव के नेतृत्व में अलग हुआ, उसका नाम ‘अखिल भारतीय ब्रह्यसमाज’ पड़ा।
केशव को आचार्य के पद से हटाना तो एक ऊपरी घटना थी, ब्रह्यसमाज में विभाजन का वास्तविक कारण तो उसके भीतरी अंतर्विरोध थे, जो दिन-दिन तीव्र से तीव्रतर होते जा रहे थे। इन अंतर्विरोधों को समझने के लिए तनिक पीछे जाना होगा।
डेविड हेयर और डी रोजियो समाज-सुधार के क्षेत्र
हो गया। एक भाग जो देवेन्द्रनाथ ठाकुर के नेतृत्व में रहा, उसका नाम ‘आदि ब्रह्याज’ पड़ा और जो भाग केशव के नेतृत्व में अलग हुआ, उसका नाम ‘अखिल भारतीय ब्रह्यसमाज’ पड़ा।
केशव को आचार्य के पद से हटाना तो एक ऊपरी घटना थी, ब्रह्यसमाज में विभाजन का वास्तविक कारण तो उसके भीतरी अंतर्विरोध थे, जो दिन-दिन तीव्र से तीव्रतर होते जा रहे थे। इन अंतर्विरोधों को समझने के लिए तनिक पीछे जाना होगा।
डेविड हेयर और डी रोजियो समाज-सुधार के क्षेत्र