योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

उन्हें समझ लेना आवश्यक है, क्योंकि बिना समझे समाधान सम्भव नहीं। मुस्लिम शासकों संस्कृति और परम्परा आरोपित करने का प्रयास था। परिणाम यह कि शासक वर्ग का बुद्विजीवी विदेश से आता रहा। इसके अलावा मुस्लिम शासक भारतीयों पर अधिक भरोसा नहीं करते थे, इसलिए विदेश से सैनिक भर्ती भी बराबर होती रही। इस प्रकार जो बुद्विजीवी और सैनिक अधिकारी बाहर से आते थे, वे अपने को भाषा-संस्कृति आदि हर एक बात में स्थानीय हिन्दू और मुसलमानों से श्रेष्ठ


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उन्हें समझ लेना आवश्यक है, क्योंकि बिना समझे समाधान सम्भव नहीं। मुस्लिम शासकों संस्कृति और परम्परा आरोपित करने का प्रयास था। परिणाम यह कि शासक वर्ग का बुद्विजीवी विदेश से आता रहा। इसके अलावा मुस्लिम शासक भारतीयों पर अधिक भरोसा नहीं करते थे, इसलिए विदेश से सैनिक भर्ती भी बराबर होती रही। इस प्रकार जो बुद्विजीवी और सैनिक अधिकारी बाहर से आते थे, वे अपने को भाषा-संस्कृति आदि हर एक बात में स्थानीय हिन्दू और मुसलमानों से श्रेष्ठ


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