तब तक शान्तिप्रिय रहने वाले विदेशी फ्रांसिसी और अंगे्रज़ इस पारस्परिक लड़ाई में जुट गए। पचास वर्षों से भी अधिक समय तक लड़ाई, लूटमार, मारकाट के अतिरिक्त और कुछ नहीं हुआ। और जब धूल और धुआं दूर हो गया, अंगे्रज़ शेष सब पर विजयी के रूप में प्रकट हुआ।’’ (दशम खंड, पृष्ठ 154)
अंगे्रज़ व्यापारी शासक बहुत चालाक थे। उन्होंने जनता के बीच के अंतर्विरोधों को तीव्र बनाया और तीन प्रकार के दलाल तत्त्व पैदा किए-व्यापार द्वारा दलाल पूंजीपति,
तब तक शान्तिप्रिय रहने वाले विदेशी फ्रांसिसी और अंगे्रज़ इस पारस्परिक लड़ाई में जुट गए। पचास वर्षों से भी अधिक समय तक लड़ाई, लूटमार, मारकाट के अतिरिक्त और कुछ नहीं हुआ। और जब धूल और धुआं दूर हो गया, अंगे्रज़ शेष सब पर विजयी के रूप में प्रकट हुआ।’’ (दशम खंड, पृष्ठ 154)
अंगे्रज़ व्यापारी शासक बहुत चालाक थे। उन्होंने जनता के बीच के अंतर्विरोधों को तीव्र बनाया और तीन प्रकार के दलाल तत्त्व पैदा किए-व्यापार द्वारा दलाल पूंजीपति,