विजय नगर की बौद्विक जगमगाहट की तो बात ही क्या। बौद्विक विकास की दृष्टि से यह काल भारतीय इतिहास का सबसे अंधकारपूर्ण युग था। ये दोनों अल्पजीवी साम्राज्य घृणास्पद मुसलमानी शासन को उलट देने में सफल होने के तुरन्त बाद ही अपनी सारी शक्ति खो बैठे, क्योंकि ये दोनों ही संस्कृति से पूर्ण घृृणा करने वाले तथा सामान्य धर्मांधता के प्रतिनिधि रह गए थे।
‘‘फिर से एक बार अस्त-व्यस्तता का युग आ गया। मित्र-शत्रु, मुगल साम्राज्य एवं उसके विध्वंसक,
विजय नगर की बौद्विक जगमगाहट की तो बात ही क्या। बौद्विक विकास की दृष्टि से यह काल भारतीय इतिहास का सबसे अंधकारपूर्ण युग था। ये दोनों अल्पजीवी साम्राज्य घृणास्पद मुसलमानी शासन को उलट देने में सफल होने के तुरन्त बाद ही अपनी सारी शक्ति खो बैठे, क्योंकि ये दोनों ही संस्कृति से पूर्ण घृृणा करने वाले तथा सामान्य धर्मांधता के प्रतिनिधि रह गए थे।
‘‘फिर से एक बार अस्त-व्यस्तता का युग आ गया। मित्र-शत्रु, मुगल साम्राज्य एवं उसके विध्वंसक,