योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

लोग सुधारक बन बैठे। ये विवेकानन्द ही थे जिन्होंने जनसाधारण का पक्ष धारण करके अंगे्रज़ शासकों और उनका अंधानुकरण करने वाले इन लोगों को एक साथ फअकारा।

जो अंगे्रज़ शासक हमें सभ्य बनाने की डींग हांकते थे, उनसे विवेकानन्द ने कहा कि हमारे इस महान राष्ट्र के दो गुण हैं-एक जिज्ञासा और दूसरे काव्यमय अंतदृष्टि। हमारी इस साहसी जाति ने अपूर्व जिज्ञासा के साथ अपनी यात्रा आरम्भ की और उसने गणित शास्त्र, रसायन शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र,


977 of 1197

लोग सुधारक बन बैठे। ये विवेकानन्द ही थे जिन्होंने जनसाधारण का पक्ष धारण करके अंगे्रज़ शासकों और उनका अंधानुकरण करने वाले इन लोगों को एक साथ फअकारा।

जो अंगे्रज़ शासक हमें सभ्य बनाने की डींग हांकते थे, उनसे विवेकानन्द ने कहा कि हमारे इस महान राष्ट्र के दो गुण हैं-एक जिज्ञासा और दूसरे काव्यमय अंतदृष्टि। हमारी इस साहसी जाति ने अपूर्व जिज्ञासा के साथ अपनी यात्रा आरम्भ की और उसने गणित शास्त्र, रसायन शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र,


977 of 1197