हेगल के दर्शन और फ्रांसिसी क्रांति के इतिहास का अध्ययन भी इसी अवस्था में कर लिया था। इसके अलावा संस्कृत कविता, उपनिषद् और राममोहन राय की पुस्तकें भी वह बड़े चाव से पढ़ा करता था। पढ़ते समय वह चंचल और खिलाड़ी नरेन्द्र से एकदम भिन्न दूसरा ही व्यक्ति होता था।
ब्रजेन्द्र बाबू कालेज में नरेन्द्र से दो-तीन बरस आगे थे। पर इन दोनों में खूब पटती थी। वे दोनों ‘दार्शनिक क्लब’ में जाया करते थे। रोमां रोलां ने लिखा है कि ब्रजेन्द्र फ्रांसिसी
हेगल के दर्शन और फ्रांसिसी क्रांति के इतिहास का अध्ययन भी इसी अवस्था में कर लिया था। इसके अलावा संस्कृत कविता, उपनिषद् और राममोहन राय की पुस्तकें भी वह बड़े चाव से पढ़ा करता था। पढ़ते समय वह चंचल और खिलाड़ी नरेन्द्र से एकदम भिन्न दूसरा ही व्यक्ति होता था।
ब्रजेन्द्र बाबू कालेज में नरेन्द्र से दो-तीन बरस आगे थे। पर इन दोनों में खूब पटती थी। वे दोनों ‘दार्शनिक क्लब’ में जाया करते थे। रोमां रोलां ने लिखा है कि ब्रजेन्द्र फ्रांसिसी