नरेन्द्रनाथ साहित्य, दर्शन और इतिहास की पुस्तकें अधिक पढ़ता था। देकार्त का अहम्वाद, ह्यूम और वेन की नास्तिकता, डार्विन का विकासवाद और इसके अलावा हर्बर्ट स्पेन्सर का अज्ञेयवाद उसने एफ. ए. की परीक्षा देने से पहले पढ़ डाला था। उसके मित्र ब्रजेन्द्र बाबू ने ‘प्रबुद्व भारत’ पत्रिका में अपने संस्मरण लिखे थे, जिनमें नरेन्द्र की अशन्ति और ज्ञान-पिपासा का चित्र, प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया है कि नरेन्द्र ने शेली की कविताओं,
नरेन्द्रनाथ साहित्य, दर्शन और इतिहास की पुस्तकें अधिक पढ़ता था। देकार्त का अहम्वाद, ह्यूम और वेन की नास्तिकता, डार्विन का विकासवाद और इसके अलावा हर्बर्ट स्पेन्सर का अज्ञेयवाद उसने एफ. ए. की परीक्षा देने से पहले पढ़ डाला था। उसके मित्र ब्रजेन्द्र बाबू ने ‘प्रबुद्व भारत’ पत्रिका में अपने संस्मरण लिखे थे, जिनमें नरेन्द्र की अशन्ति और ज्ञान-पिपासा का चित्र, प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया है कि नरेन्द्र ने शेली की कविताओं,