रमानाथ--आप दे दीजिएगा।
रमेश--और जो कहीं साहब ने बुलाया, तो मैं ही चला जाऊंगा?
रमानाथ--ऊंह, जो चाहे कीजिएगा, मैं तो सोता हूं।
रमा फिर लेट गया और रमेश ने भोजन किया, कपड़े पहने और दफ्तर चलने को तैयार हुए। उसी वक्त रमानाथ हड़बडाकर उठा और आंखें मलता हुआ बोला--मैं भी चलूंगा।
रमेश--अरे मुंह-हाथ तो धो ले, भले आदमी!
रमानाथ--आप तो चले जा रहे हैं।
रमेश--नहीं, अभी पंद्रह-बीस मिनट तक रूक सकता हूं, तैयार हो जाओ।
रमानाथ--मैं
रमानाथ--आप दे दीजिएगा।
रमेश--और जो कहीं साहब ने बुलाया, तो मैं ही चला जाऊंगा?
रमानाथ--ऊंह, जो चाहे कीजिएगा, मैं तो सोता हूं।
रमा फिर लेट गया और रमेश ने भोजन किया, कपड़े पहने और दफ्तर चलने को तैयार हुए। उसी वक्त रमानाथ हड़बडाकर उठा और आंखें मलता हुआ बोला--मैं भी चलूंगा।
रमेश--अरे मुंह-हाथ तो धो ले, भले आदमी!
रमानाथ--आप तो चले जा रहे हैं।
रमेश--नहीं, अभी पंद्रह-बीस मिनट तक रूक सकता हूं, तैयार हो जाओ।
रमानाथ--मैं