मगर यह सब रूपये अदा कैसे होंगे? उस चुडै।ल ने व्यर्थ ही मुझे निमांण दे दिया। अब मैं बाहर जाना ही छोड़ दूंगी।'
रमा भी इसी चिंता में मग्न था, पर उसने अपने भाव को प्रकट करके जालपा के हर्ष में बाधा न डाली। बोला,सब अदा हो जायगा। जालपा ने तिरस्कार के भाव से कहां,कहां से अदा हो जाएगा, ज़रा सुनूं। कौड़ी तो बचती नहीं, अदा कहां से हो जायगा? वह तो कहो बाबूजी घर का ख़र्च संभाले हुए हैं, नहीं तो मालूम होता। क्या तुम समझते हो कि
मगर यह सब रूपये अदा कैसे होंगे? उस चुडै।ल ने व्यर्थ ही मुझे निमांण दे दिया। अब मैं बाहर जाना ही छोड़ दूंगी।'
रमा भी इसी चिंता में मग्न था, पर उसने अपने भाव को प्रकट करके जालपा के हर्ष में बाधा न डाली। बोला,सब अदा हो जायगा। जालपा ने तिरस्कार के भाव से कहां,कहां से अदा हो जाएगा, ज़रा सुनूं। कौड़ी तो बचती नहीं, अदा कहां से हो जायगा? वह तो कहो बाबूजी घर का ख़र्च संभाले हुए हैं, नहीं तो मालूम होता। क्या तुम समझते हो कि