गबन - Gaban



जालपा-'(रमा से) क्यों चरनदास से कहा जाए तो ऐसा कंगन कितने दिन में बना देगा! रतन ऐसा ही कंगन बनवाना चाहती हैं।'

रमा ने तत्परता से कहा-'हां, बना क्यों नहीं सकता इससे बहुत अच्छे बना सकता है।-'

रतन-'इस जोड़े के क्या लिए थे? '

जालपा-'आठ सौ के थे।'

रतन-'कोई हरज़ नहीं, मगर बिलकुल ऐसा ही हो, इसी नमूने का।'

रमा-'हां-हां, बनवा दूंगा। '

रतन- 'मगर भाई, अभी मेरे पास रूपये नहीं हैं।

रूपये के मामले में पुरूष महिलाओं के सामने कुछ नहीं कह सकता क्या वह कह सकता है,


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जालपा-'(रमा से) क्यों चरनदास से कहा जाए तो ऐसा कंगन कितने दिन में बना देगा! रतन ऐसा ही कंगन बनवाना चाहती हैं।'

रमा ने तत्परता से कहा-'हां, बना क्यों नहीं सकता इससे बहुत अच्छे बना सकता है।-'

रतन-'इस जोड़े के क्या लिए थे? '

जालपा-'आठ सौ के थे।'

रतन-'कोई हरज़ नहीं, मगर बिलकुल ऐसा ही हो, इसी नमूने का।'

रमा-'हां-हां, बनवा दूंगा। '

रतन- 'मगर भाई, अभी मेरे पास रूपये नहीं हैं।

रूपये के मामले में पुरूष महिलाओं के सामने कुछ नहीं कह सकता क्या वह कह सकता है,


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