के नेत्रकटाक्ष और परेमालिंगन का जादू उस पर न चले। पॉलिक्सेना ने उससे इशारों से कहा-'मुझसे क्यों डरते हो ? मैं तुम्हें परेमपाश में फंसाने नहीं आयी हूं। जो अनिवार्य है, वह होगा। उसके सामने सिर झुकाती हूं। मृत्यु का मुझे भय नहीं है। परायम की लड़की और वीर हेक्टर की बहन, इतनी गयीगुजरी नहीं है कि उसकी शय्या, जिसके लिए बड़ेबड़े समराट लालायित रहते थे, किसी विदेशी पुरुष का स्वागत करे। मैं किसी की शरणागत नहीं होना चाहती।'
हेक्युबा
के नेत्रकटाक्ष और परेमालिंगन का जादू उस पर न चले। पॉलिक्सेना ने उससे इशारों से कहा-'मुझसे क्यों डरते हो ? मैं तुम्हें परेमपाश में फंसाने नहीं आयी हूं। जो अनिवार्य है, वह होगा। उसके सामने सिर झुकाती हूं। मृत्यु का मुझे भय नहीं है। परायम की लड़की और वीर हेक्टर की बहन, इतनी गयीगुजरी नहीं है कि उसकी शय्या, जिसके लिए बड़ेबड़े समराट लालायित रहते थे, किसी विदेशी पुरुष का स्वागत करे। मैं किसी की शरणागत नहीं होना चाहती।'
हेक्युबा