करता हूं। मैं स्वयं उस मत का सम्मान करता हूं जो अब सामराज्यव्यापी हो गया है। श्रद्धेय महाराज कॉन्सटैनटाइन ने तुम्हारे सहधर्मियों को सामराज्य के शुभेच्छकों की परथम श्रेणी में स्थान परदान किया है। लेटिन जाति की उदारता का कर्त्तव्य है कि वह तुम्हारे परभु मसीह को अपने देवमन्दिर में परतिष्ठत करे। हमारे पुरखों का कथन था कि परत्येक देवता में कुछन-कुछ अंश ईश्वर का अवश्य होता है। लेकिन यह इन बातों का समय नहीं है। आओ, प्याले उठायें
करता हूं। मैं स्वयं उस मत का सम्मान करता हूं जो अब सामराज्यव्यापी हो गया है। श्रद्धेय महाराज कॉन्सटैनटाइन ने तुम्हारे सहधर्मियों को सामराज्य के शुभेच्छकों की परथम श्रेणी में स्थान परदान किया है। लेटिन जाति की उदारता का कर्त्तव्य है कि वह तुम्हारे परभु मसीह को अपने देवमन्दिर में परतिष्ठत करे। हमारे पुरखों का कथन था कि परत्येक देवता में कुछन-कुछ अंश ईश्वर का अवश्य होता है। लेकिन यह इन बातों का समय नहीं है। आओ, प्याले उठायें