और जीवन का सुख भोगें। इसके सवा और सब मिथ्या है।'
वयोवृद्ध कोटा बड़ी गम्भीरता से बोलते थे। उन्होंने आज एक नये परकार की नौका का नमूना सोचा था और अपने 'कार्थेज जाति का इतिहास' का छठवां भाग समाप्त किया था। उन्हें संष्तोा था कि आज का दिन सफल हुआ, इसलिए वह बहुत परसन्न थे।
एक क्षण के उपरान्त वह पापनाशी से फिर बोले-'सन्त पापनाशी, यहां तुम्हें कई सज्जन बैठे दिखाई दे रहे हैं जिनका सत्संग बड़े सौभाग्य से पराप्त होता है-यह सरापीज
और जीवन का सुख भोगें। इसके सवा और सब मिथ्या है।'
वयोवृद्ध कोटा बड़ी गम्भीरता से बोलते थे। उन्होंने आज एक नये परकार की नौका का नमूना सोचा था और अपने 'कार्थेज जाति का इतिहास' का छठवां भाग समाप्त किया था। उन्हें संष्तोा था कि आज का दिन सफल हुआ, इसलिए वह बहुत परसन्न थे।
एक क्षण के उपरान्त वह पापनाशी से फिर बोले-'सन्त पापनाशी, यहां तुम्हें कई सज्जन बैठे दिखाई दे रहे हैं जिनका सत्संग बड़े सौभाग्य से पराप्त होता है-यह सरापीज