मन्दिर के अध्यक्ष हरमोडोरस हैं; यह तीनों दर्शन के ज्ञाता निसियास, डोरियन और जेनी हैं; यह कवि कलिक्रान्त हैं, यह दोनों युवक चेरिया और अरिस्टो पुराने मित्रों के पुत्र हैं और उनके निकट दोनों रमणियां फिलिना और ड्रोसिया हैं जिनकी रूपछवि पर हृदय मुग्ध हो जाता है।'
निसियास ने पापनाशी से आिंलगन किया और उसके कान में बोला-'बन्धुवर मैंने तुम्हें पहले ही सचेत कर दिया था कि बीनस (शृंगार की देवी-यूनान के लोग शुक्र को वीनस कहते थे)
मन्दिर के अध्यक्ष हरमोडोरस हैं; यह तीनों दर्शन के ज्ञाता निसियास, डोरियन और जेनी हैं; यह कवि कलिक्रान्त हैं, यह दोनों युवक चेरिया और अरिस्टो पुराने मित्रों के पुत्र हैं और उनके निकट दोनों रमणियां फिलिना और ड्रोसिया हैं जिनकी रूपछवि पर हृदय मुग्ध हो जाता है।'
निसियास ने पापनाशी से आिंलगन किया और उसके कान में बोला-'बन्धुवर मैंने तुम्हें पहले ही सचेत कर दिया था कि बीनस (शृंगार की देवी-यूनान के लोग शुक्र को वीनस कहते थे)