अलंकार - Alankar

ने थायस से कहा-'तुम्हारी रूपशोभा कितनी अद्भुत है ! जब तुम पहलेपहल इस्कन्द्रिया आयी थीं, उस समय भी तुम इससे अधिक सुन्दर न रही होगी। मेरी माता को तुम्हारी उस समय की सूरत याद है। यह कहती है कि उस समय समस्त नगर में तुम्हारे जोड़ की एक भी रमणी न थी। तुम्हारा सौन्दर्य अतुलनीय था।'

ड्रोसिया ने मुस्कराकर पूछा-'तुम्हारे साथ यह कौन नया परेमी आया है ? बड़ा विचित्र, भयंकर रूप है। अगर हाथियों के चरवाहे होते हैं तो इस पुरुष की सूरत अवश्य उनसे मिलती होगी। सच बताना बहन,


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ने थायस से कहा-'तुम्हारी रूपशोभा कितनी अद्भुत है ! जब तुम पहलेपहल इस्कन्द्रिया आयी थीं, उस समय भी तुम इससे अधिक सुन्दर न रही होगी। मेरी माता को तुम्हारी उस समय की सूरत याद है। यह कहती है कि उस समय समस्त नगर में तुम्हारे जोड़ की एक भी रमणी न थी। तुम्हारा सौन्दर्य अतुलनीय था।'

ड्रोसिया ने मुस्कराकर पूछा-'तुम्हारे साथ यह कौन नया परेमी आया है ? बड़ा विचित्र, भयंकर रूप है। अगर हाथियों के चरवाहे होते हैं तो इस पुरुष की सूरत अवश्य उनसे मिलती होगी। सच बताना बहन,


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