यह वनमानुस तुम्हें कहां मिल गया ? क्या यह उन जन्तुओं में तो नहीं है जो रसातल में रहते हैं और वहां के धूमर परकाश से काले हो जाते हैं।'
लेकिन फिलिना ने ड्रोसिया के होंठों पर उंगली रख दी और बोली-'चुप ! परणय के रहस्य अभेद्य होते हैं और उनकी खोज करना वर्जित है। लेकिन मुझसे कोई पूछे तो मैं इस अद्भुत मनुष्य के होठों की अपेक्षा, एटना के जलते हुए, अग्निपरसारक मुख से चुम्बित होना अधिक पसन्द करुंगी। लेकिन बहन, इस विषय में तुम्हारा
यह वनमानुस तुम्हें कहां मिल गया ? क्या यह उन जन्तुओं में तो नहीं है जो रसातल में रहते हैं और वहां के धूमर परकाश से काले हो जाते हैं।'
लेकिन फिलिना ने ड्रोसिया के होंठों पर उंगली रख दी और बोली-'चुप ! परणय के रहस्य अभेद्य होते हैं और उनकी खोज करना वर्जित है। लेकिन मुझसे कोई पूछे तो मैं इस अद्भुत मनुष्य के होठों की अपेक्षा, एटना के जलते हुए, अग्निपरसारक मुख से चुम्बित होना अधिक पसन्द करुंगी। लेकिन बहन, इस विषय में तुम्हारा