तब भरा हुआ प्याला हाथ में लेकर वह बोला-'पहले देवतुल्य समराट और सामराज्य के कर्णधार समराट कान्सटैनटाइन की शुभेच्छा का प्याला पियो। देश का स्थान सवोर्परि है, देवताओं से भी उच्च, क्योंकि देवता भी इसी के उदर में अवतरित होते हैं।'
सब मेहमानों ने भरे हुए प्याले होंठों से लगाये; केवल पापनाशी ने न पिया, क्योंकि कान्सटैनटाइन ने ईसाई सम्परदाय पर अत्याचार किये थे, इसलि भी कि ईसाई मत मत्र्यलोक में अपने स्वदेश का अस्तित्व नहीं मानता।
तब भरा हुआ प्याला हाथ में लेकर वह बोला-'पहले देवतुल्य समराट और सामराज्य के कर्णधार समराट कान्सटैनटाइन की शुभेच्छा का प्याला पियो। देश का स्थान सवोर्परि है, देवताओं से भी उच्च, क्योंकि देवता भी इसी के उदर में अवतरित होते हैं।'
सब मेहमानों ने भरे हुए प्याले होंठों से लगाये; केवल पापनाशी ने न पिया, क्योंकि कान्सटैनटाइन ने ईसाई सम्परदाय पर अत्याचार किये थे, इसलि भी कि ईसाई मत मत्र्यलोक में अपने स्वदेश का अस्तित्व नहीं मानता।